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हे क्षिप्रा आप क्या कभी शुद्ध नहीं हाे पाओगे?:त्रिवणी पर बना स्टाप डेम फूटा
जिस बात का डर लंबे समय से था, आखिर हुआ वही। शनि मंदिर के पास त्रिवेणी स्थित खान नदी पर बना स्टाप डेम अलसुबह अचानक फूट गया। डेम क्या फूटा, इंदौर से उज्जैन की ओर आने वाला खान नदी का गंदा पानी शिप्रा में मिल गया। मिट्टी के इस डेम को लाखों रुपए खर्च कर शिप्रा नदी और खान नदी के संगम पर इसलिए तैयार किया गया था कि गंदा पानी वहीं पर रो किया जाए। हालांकि बड़ी मात्रा में गंदे पानी के एकत्रित होने के बाद पहले से ही हादसे का अंदेशा लगाया जा रहा था। लेकिन अधिकारियों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया और लाखों गैलन गंदा पानी शिप्रा नदी प्रवाहमान हो गया। डेम फूटने की सूचना के बाद आलाधिकारी मौके पर पहुंचे और गंदा पानी रोकने की कोशिश फिर से शुरू हुई।
सालभर पहले बने डेम को जनवरी में किया गया था रिपेयर
मोक्षदायिनी शिप्रा नदी को स्वच्छ बनाने के प्रयास लंबे समय से किए जा रहे हैं। इंदौर की ओर से बहने वाली खान नदी का गंदा पानी शिप्रा में मिल रहा था। गंदे पानी को शिप्रा में मिलने से रोकने के लिए पिछले साल त्रिवेणी स्थित घाट के पास लाखों रुपए खर्च कर मिट्टी का एक स्टाप डेम बनाया गया। सैकड़ों ट्राॅली मिट्टी डालकर इसे तैयार किया गया और गंदा पानी इस डेम पर रोका जाने लगा। करीब एक साल से गंदा पानी इसी डेम में एकत्रित हो रहा था। लगातार पानी के ठहराव को देखते हुए ऐसा माना जा रहा था कि कभी भी यह फूट सकता है। डेम ठीकठाक स्थिति में रहे, इसके लिए दो महीने पहले जनवरी में इसकी मरम्मत भी करवाई गई थी। हालांकि मरम्मत काम नहीं आई और दो महीने के भीतर ही यह फूट गया।
5 किमी दूर हरियाखेड़ी तक पहुंचा गंदा पानी
स्टाप डेम फूटने के बाद लाखों गैलन गंदा पानी शिप्रा नदी में मिला और बहाव तेज हो गया। देखते ही देखते यह 5 किमी दूर हरियाखेड़ी गांव तक पंहुच गया और शिप्रा नदी का साफ पानी दूषित हो गया। शिप्रा में 13 मार्च को ही अमावस्या पर साफ पानी छोड़ा गया था।
पीएई कर्मचारी पीरूलाल ने बताया कि मुझे 5 बजकर 20 मिनट में फोन आया था कि डेम फूट गया है। इस पर मैंने तत्काल आधिकारियों को कॉल कर इसकी जानकारी दी। खान का पूरा गंदा पानी शिप्रा में भरा गया था। पानी लगातार हरियाखेड़ी की ओर बह रहा है। इसकी जानकारी कमिश्नर सर को भी दी गई है।
डेम फूटने की सूचना के बाद प्रशासन हुआ एक्टिव
प्रशासन की ओर से बताया गया कि शनि मंदिर के पास स्थित खान नदी का पाला क्षतिग्रस्त हो गया गया है। जिससे गंदा पानी शिप्रा नदी में मिल रहा है। कलेक्टर आशीष सिंह ने तत्काल पाले की मरम्मत करने के आदेश देते हुए कहा है कि गंदा पानी गऊघाट के स्टाप डेम से आगे नहीं बढ़े, इसके प्रयास किए जाएं। साथ ही कलेक्टर ने खान डायवर्शन को पूरी क्षमता से चलाने के लिए जल संसाधन विभाग को निर्देशित किया है। मौके पर तहसीलदार, पीएचई और जल संसाधन विभाग का अमला पहुंचकर पाले को ठीक करने में जुटा है।